Dhoka Shayari in Hindi: नमस्कार दोस्तों! आज के इस ब्लॉग में आपको लड़का और लड़की के लिए दर्द भरी Dhoka Shayari मिल जाएंगी।
आपको तो पता ही होगा की जब किसी का भरोसा टूटता है तो सिर्फ रिश्ता नहीं टूटता, इंसान अंदर से बिखर जाता है। अगर आपको भी किसी अपने से धोखा मिला है और आप अपने दिल का दर्द शब्दों में कहना चाहते हैं, तो ये Dhoka Shayari आपके जज़्बातों को सही तरह से बयान करेंगी। यहाँ आपको प्यार, दोस्ती और रिश्तों में मिले धोखे की सबसे बेहतरीन शायरी पढ़ने को मिलेगी।
इस पोस्ट में हम आपके लिए लेकर आए है दर्द भरी Dhoka Shayari | इस पोस्ट में हमने आपके साथ Dhoka Shayari in Hindi, Pyar me Dhoka Shayari, विश्वास पर धोखा शायरी 2 Line, Dosti me Dhoka Shayari, पीठ पीछे धोखा शायरी, and Mohabbat Me Dhoka Shayari जैसी Shayari शेयर की है। धोखा इंसान को कमजोर नहीं बनाता, बल्कि सच्चे और झूठे लोगों की पहचान करा देता है। ये Shayari उन्हीं लोगों के लिए है जिनका दिल किसी अपने ने तोड़ा है। इन शायरियों में दर्द, सच्चाई और जिंदगी का अनुभव छुपा है, जो सीधे दिल तक पहुंचता है।
यहां पर आपको Dhoka Shayari के अलावा भी और बेहतरीन शायरीया मिल जाएगी जैसे कि Best Bhaichara Shayari जिसे आप एक बार जरूर पढ़के देखना ये आपको बहुत ही पसंद आएंगे।
Dhoka Shayari in Hindi
हर खेल में हम बाजी मार जाते हैं
पर धोखेबाज से हम बाजी हार जाते हैं

जिन्दगी की हर मोड़ पर धोखेबाज मिलें
उनमें पराये कम अपने ज्यादा मिलें
दिल तो रोज़ कहता है मुझे कोई सहारा चाहिए
फ़िर दिमाग़ कहता है क्यों तुम्हें धोखा दोबारा चाहिए
वो कहते थे कि हम तुम्हें कभी धोखा नहीं देंगे
पर उन्हें क्या पता था कि वो खुद ही एक धोखा थे

हमने सोचा था कि तुम हमारे साथ हो
पर तुम तो बस एक धोखा हो
धोखेबाज की दुनिया में वफादार कौन है
सबने तो बस धोखा दिया सच कौन है
धोखेबाज़ लोगों का यही तो दस्तूर है
जब ज़रूरत ख़त्म तब रिश्ता भी दूर है

हर खेल में हम बाज़ी मार जाते हैं
पर धोखेबाज़ से हम बाज़ी हार जाते हैं
अपनों के बीच भी अब परायापन दिखता है
रिश्तों की मिठास में कड़वाहट सा लगता है
जिनकी दुआ किया करते थे रोज़ हज़ारों में
वहीं बेचते थे रिश्ते हर रोज़ बाज़ारों में
Pyar me Dhoka Shayari
और फिर एक दिन मेने जताना छोड़ दिया दिल में छुपा दर्द बताना छोड़ दिया, कहने को तो तू समझता है बातों को मेरी कितना खोखला था प्यार तेरा जाना ये मेने जब हर जज़्बात को मेने
समझाना छोड़ दिया।

जो जहर हो जाए वो दर्द कैसा, जो जख्म हो जाए वो मर्ज़ कैसा, जो दिल को छू जाए वो लफ्ज कैसा, जो दावा बन जाए वो लब कैसा, इक हमारी ही सही तेरी याद मैं गुजर जाए याद उस रात मैं गुजर मेरा हाल का कैसा
हर फूल गुलाब नहीं होता, हर दोस्त वफ़ादार नहीं होता, नज़रों से मिलती है अक्सर नज़र हर नज़र का मतलब प्यार नहीं होता
हर रात एक नाम याद आता है..! कभी सुबह तो कभी शाम याद आती है..! सोचते हैं कर ले दूसरी मोहब्बत लेकिन फिर पहली मोहब्बत का अंजाम याद आता है..

की टूटा दिल लेकर आज भी तेरी दहलीज पर पड़ा हू,, गौर से देख में जिंदगी ओर मौत के बीच खड़ा हूं।
दिल मैं रहकर दिल पर वार करते हो फिर से नही होगा कहकर वहीं हरबार करते हो
हर किसी से दिल जो लगाते हो तुम असलियत मैं तो दिलों का व्यापार करते हो
दिल में रहकर दिल पर वार करती हो तुम भी क्या कमाल करती हो जिसने महफूज रखा है अपने आस्तीन में तुम्हें उसी को डसने का इंतजार करती हो।

अगर ना होगी तुमसे शादी मेरी तो मैं खुद को एक काम दूंगा,, गॉड लूंगा एक प्यारी सी बच्ची को और उस बच्ची को मैं तेरा ही नाम दूंगा..
कभी में किसी को आजमाया ही नहीं,
जितना प्यार दिया उतना पाया ही नहीं,
कभी किसी को मेरी कमी भी महसूस हो,
शायद खुदा में मुझे ऐसा बनाया ही नहीं।
एक रात एक बात लिखूंगा… हर कोई पढ़ सके इतनी साफ लिखूंगा, कोई जज्बात नही अपने ही अरमान लिखूंगा, दिल की बात नही अपने ही हालत लिखूंगा, बहुत शिकायत है हमे तुमसे जिंदगी अब तेरे बारे में एक किताब लिखूंगा।
विश्वास पर धोखा शायरी
बिछड़ कर भी बिछड़ा नहीं हु तुमसे अब तो तभी बिछड़ पाउगाजब साँसे बिछ्ड़ेगी हमसे .

बस दिल लगी थी उसे हमसे मोहब्बत कब थी ,महफ़िल ए गैर से उन को फुरसत कब थी …हम थे मोहब्बत में लोट जाने के काबिल ,उस के वादों में वो हकीकत कब थी … ।।
धोखा मिले कोई बात नहीं, लेकिन आप उन गलतियों से जरूर सीख लें।
याद आएगी हर रोज़ मगर तुझे आवाज़ न दूंगा,
लिखूंगा तेरे लिए हर लब्ज़ मगर तेरा नाम न लूंगा!
ज़िंदगी मुझे अब और न रुलाया कर,
मैं हर जगह से हार चुका हूँ!

ये नहीं गम के कसम अपनी भुलाई तुमने ,गम तो ये है कि रकीबों सी निभाई तुमने …कोई रजिश थी अगर तुमको तो मुझसे कहते ,बात आपस की थी सबको क्यों बताई तुमने … ।।
बड़ी अजीब फितरत है अधूरे इश्क़ की, किसी को तो धोखेबाज़ होना ही पड़ता है।
लोग कहते हैं कि बिना मेहनत कुछ पा नहीं सकते,
ना जाने ये ग़म पाने के लिए कौन सी मेहनत कर ली हमने!

कभी-कभी बहुत सताता है यह सवाल मुझे कि
हम मिले ही क्यों थे जब हमें मिलना ही नहीं था!
तेरे बिन टूट कर बिखर जाएंगे,
तुम मिल जाओ तो गुलशन की तरह खिल जाएंगे
तुम ना मिली तो जीते जी मर जाएंगे
तुम्हे जो पा लिया तो मर कर भी जी जाएंगे।
हर भूल तेरी माफ की,
हर खता को तेरी भुला दिया,
ग़म ये है कि मेरे प्यार का,
तूने बेवफा बनके सिला दिया..!
Dosti me Dhoka Shayari
हमने जिसे चाहा, वो हमें छोड़ गए,
दोस्ती की आड़ में, दिल तोड़ गए।

कभी हमसे भी पूछ लो हाल-ए-दिल,
हम भी तो वही हैं, जो तुम्हारे दोस्त थे।
रिश्तों की इस दुनिया में, कौन सच्चा कौन झूठा,
वक्त आने पर दोस्त भी देते हैं धोखा।
दोस्त बनकर भी साथ छोड़ जाते हैं,
कुछ लोग दिल तोड़कर मुस्कुराते हैं।

तेरी दोस्ती पे जान निसार की थी,
और तूने ही सबसे पहले वार की थी।
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कभी हमने भी सोचा था दोस्ती सच्ची होगी,
पर वक़्त ने सिखा दिया ये सिर्फ़ बातों में होती है।
जो अपने थे, वो गैर बने,
और गैरों में अब अपनापन दिखता है।

यकीन था दोस्ती पर, पर यकीन टूटा,
जो अपने थे, वही साथ छोड़ गए।
कभी हमने भी सोचा था दोस्ती सच्ची होगी,
पर वक़्त ने सिखा दिया ये सिर्फ़ बातों में होती है।
दोस्ती का नाम लेकर, जो धोखा दे गए,
ऐसे दोस्तों से तो दुश्मन अच्छे थे।
पीठ पीछे धोखा शायरी
तेरी यादों का दिया
अब भी जलता है,
मोहब्बत करना गुनाह है यह धोखा खाकर ही पता चलता है।

हमे धोखा देने का गुनाह करके कहाँ
जाओगे गालिब,
ये जमीन और आसमान
सब उसी का है और वह सब देखता है।
काश कोई तो ऐसा हो
जो हमे धोखा न दे और
जो बिना मतलब के साथ हो।
मेरे शहर में खुदाओं की कमी नहीं है ज़नाब,
पर एक बात यह भी है कि यहां धोखा देने वालों की भी कमी नहीं है।

रिश्तें तोड़ने तो नहीं चाहिए लेकिन
जहाँ हर बार धोखा मिले वहाँ निभाने भी नहीं चाहिए.
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सर से लेकर पैर तक ताकत लगा लेना
धोखा एक बार दे चुके हो तुम, दम है तो फिर से देकर दिखा देना।
किसी के दर्द की दवा बनो,
जख्म तो हर इन्सान देता है.

हम वह कश्ती है जिनका
कोई किनारा ही ना हुआ,
हम सबके हुए मगर हमारा कोई भी नहीं हुआ,
इंसान जिंदगी को दुःख के साथ तो बड़ी आसानी से जी सकता है,
पर किसी के धोखे के साथ नहीं…
बहुत अजीब हैं तेरे धोखा देकर जाने के बाद की ये बरसातें भी,
हम अक्सर बन्द कमरे में भीग जाते हैं।।
Mohabbat Me Dhoka Shayari
दिल में रहकर दिल पर वार करते हो फिर से नही होगा कहकर वहीं हरबार करते हो हर किसी से दिल जो लगाते हो तुम असलियत मैं तो दिलों का व्यापार करते हो

तुम आना मेरे जनाज़े पर, एक आखिरी हसीं मुलाक़ात होगी…. मेरे जिस्म में बहस जान ना हो, पर मेरी जान तो मेरे पास होगी….
खुद को तेरी यादों का गुलाम कर दिया, तेरे खातिर खुद को बदनाम कर दिया और क्यों सच में अपनी मोहब्बत का मेरे पास एक दिल था वो भी तेरा नाम कर दिया
वो दिन नहीं वो रात नहीं वो पहले जैसा जज्बात नहीं
होने को तो हो जाती उनसे बात पर बातों में पहले जैसी बात नहीं

एक चाँद था मेरा
जो बादलों में खो गया
मैने बदला हटने का इंतजार क्या
पर वो चाँद किसी या का हो गया
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बहोत खास हो तुम आज भी बस जताना.. छोड़ दिया !!
“याद तुम्हारी हर रोज आती है बस मैने बताना.. छोड़ दिया
बस इतनी खुशी है कि वह भी कोई मेरा अपना ही है
क्योंकि कोई ग़ैर धोखा दे ही नहीं सकता . . !!

आखिर तुम भी आईने की तरह ही निकले,
जो भी सामने आया उसी के हो गए।
यकीन था कि तुम भूल जाओगे मुझे,
खुशी है कि तुम उम्मीद पे खरे उतरे।
Last Words:
✨ Agar yeh post pasand aayi ho to ise apne un doston ke saath share karein, jinhone kabhi kisi ka dard mehsoos kiya ho.